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प्राकृतिक आपदा से नुकसान को रोक पाने में विफल रहे अधिकारी, भड़का तानाशाह किम जोंग, बोला गंभीर सजा मिलेगी

प्योंगयांग। पहले से तमाम तरह की मुसीबतें झेल रहे नॉर्थ कोरिया को टायफून नामक तूफान ने भी भारी नुकसान पहुंचाया है। इस नुकसान को रोक पाने में असफल रहे अधिकारियों पर तानाशाह किम जोंग उन भड़का हुआ है। तानाशाह किम ने तूफान से हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीर सजा देने का ऐलान किया है।

इसके बाद से तमाम महकमों से जुड़े अधिकारी डरे हुए हैं। तानाशाह किम जोंग उन ने अपने संदेश में साफ कह दिया है कि तूफान को रोक पाने और हताहतों को सुरक्षित जगह पर न पहुंचाने वाले जिम्मेदार लोगों को गंभीर सजा दी जाएगी। इसके बाद से नॉर्थ कोरिया में दहशत का माहौल है। मालूम हो कि कोरोना वायरस के बाद से नॉर्थ कोरिया के आर्थिक हालात पहले से खराब हैं, ऐसे में तूफान ने लाखों की क्षति पहुंचाई है, इससे नॉर्थ कोरिया पर दोहरी मार पड़ी है। इन दिनों तानाशाह किम जोंग उन देश के आर्थिक हालात को लेकर बौखलाया हुआ है।

तानाशाह किम जोंग उन को जानने वालों को पता है कि वो किस तरह की सजा दे सकता है। तानाशाह की सजा ऐसी होती है जिसकी लोग कभी उम्मीद भी नहीं करते, वो कठोर और अजीबोगरीब तरह की सख्त सजा देने के लिए जाना जाता है। नॉर्थ कोरिया की केसीएनए(कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी) के अनुसार तूफान से दर्जनों लोग हताहत हुए हैं जबकि तानाशाह ने पहले ही ऐसे सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का आदेश दिया था।

मगर उसके बाद भी सभी को सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचाया जा सका। बरसात और तूफान से काफी नुकसान हुआ है। तेज हवाओं ने तमाम जगह बिजली के खंभे और पुराने पेड़ उखाड़ दिए हैं। पूर्वी बंदरगाह शहर वोसन बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है।

कोरियाई केंद्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार नॉर्थ कोरिया में 40 हजार हेक्टेयर फसलों को नुकसान हो चुका है और 17 हजार घर तबाह हो चुके हैं। ये घर या तो जलमग्न हो गए हैं या नष्ट हो गए हैं। इसके अलावा बरसात और तेज हवा ने यहां सड़कों, पुलों और तमाम रेलवे लाइनों को तोड़ दिया है। एक पॉवर स्टेशन को भी नुकसान पहुंचा है, बरसात ने पॉवर स्टेशन को इतना नुकसान पहुंचाया है कि उससे इलाके में बिजली की सप्लाई बंद पड़ी है। इन सबको देखते हुए ही तानाशाह किम जोंग उन ने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को सजा देने का ऐलान कर दिया है।

सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के प्रमुख किम जोंग-उन ने अधिकारियों के लिए “गंभीर” दंड देने की बात कही है। ये वो अधिकारी होंगे जो बाढ़ के कारण होने वाले नुकसान और हताहतों को रोकने का काम करने में विफल रहे हैं। टाइफून मेयसक की वजह से आई विनाशकारी बाढ़ ने दक्षिण कोरिया में भी कहर बरपाया। दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े बंदरगाह बुसान में 2,200 से अधिक लोगों को अस्थायी आश्रय स्थलों में पहुंचाया गया।

नॉर्थ कोरियाई राज्य टीवी ने राष्ट्र के पूर्वी तट पर गंभीर बाढ़ का खुलासा किया है। देश अपने खराब बुनियादी ढांचे के कारण प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में है। भूस्खलन के बढ़ते खतरे की वजह से पहाड़ों और पहाड़ियों में बाढ़ एक चिंता का विषय है। इसके अलावा, जापान के तूफानी समुद्र में 43 चालक दल और 6,000 मवेशियों के साथ एक मालवाहक जहाज डूब गया।  अभी हालात गंभीर बने हुए हैं।

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