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रैली में भाकियू के प्रदेशाध्‍यक्ष चढूनी पहुंचे, बोले- सरकार वादा भूली

पानीपत। किसानों के अड़ने पर प्रशासन झुका और आखिर में पिपली अनाज मंडी में रैली करने की परमिशन दी। किसानों ने परमिशन मिलते ही रैली स्थल पर पहुंचना शुरू कर दिया। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी रैली स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों का आभार व्यक्त किया और तीनों अध्यादेशों को किसान व मंडी विरोधी बताया।

गुरुनाम सिंह ने कहा कि सरकार किसानों की आवाज दबाना चाहती है। भाजपा ने चुनाव के समय स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की कही थी, लेकिन सरकार अपना वायदा भूल गई है। अब लॉकडाउन के बीच केंद्र की भाजपा सरकार तीन अध्यादेश लेकर आई है। ये तीनों अध्यादेश किसान और मंडी को खत्म करने वाले हैं।पिपली अनाजमंडी में भारतीय किसान यूनियन की रैली में पहुंचने से पहले किसानों को पिपली चौक पर रोक लिया गया। उन्‍हें वापस जाने को कहा, लेकिन वे नहीं मानें। आगे बढ़ने पर पुलिस ने हल्‍का लाठीचार्ज करके लोगों को खदेड़ा। इसके बाद कुछ लोगों को हिरासत में भी ले लियाकिसानों ने पुलिस के ढीला पड़ते ही पिपली चौक को छोड़कर जीटी रोड पर दूसरी तरफ जाम लगा दिया। पुलिस पिपली चौक पर उलझी रही। लाठीचार्ज के बाद वापस गए किसानों ने जीटी रोड पर जाम लगा दिया। इससे फ्लाईओवर से भी वाहनों की आवाजाही रुक गई है। वहीं, पुलिस बल अब आंसू गैस की तैयारी कर रही है।

भाकियू के प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस को गिरफ्तार किया गया। उन्‍हें शरीफगढ़ से गिरफ्तार किया गया। किसानों को बसों में पुलिस ने बैठाकर हिरासत में लिया। ई बाद में किसानों को थाना प्रभारी भीम राज शर्मा ने रोक दिया। वहीं चोर रास्तों से पिपली अनाज मंडी में 15 किसान पहुंच गए।

किसान बचाओ-मंडी बचाओ रैली में पहुंचे किसान पुलिस लाठीचार्ज पर उग्र हो गए। पिपली चौक पर कुछ किसानों ने पुलिस पर पत्थर फेंक दिए और जीटी रोड पर जाम लगा दिया। किसानों करीब 10 मिनट तक जाम लगाए बैठे रहे। एसपी आस्था मोदी मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाठीचार्ज कर किसानों को खदेड़ा। इधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा और लाडवा से कांग्रेस के विधायक मेवा सिंह अनाज मंडी गेट पर पहुंचे। दोनों गाड़ी में पहुंचे थे। करनाल की तरफ से पांच-छह ट्रालियों में पहुंचे किसान ईंट रोड़े लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने बल प्रयोग करना चाहा तो किसानों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने पर पथराव शुरू कर दिया।किसानों ने पुलिस के ढीला पड़ते ही जीटी रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस पिपली चौक पर उलझी रही। लाठीचार्ज के बाद वापस गए किसानों ने जीटी रोड पर जाम लगा दिया। इससे फ्लाईओवर से भी वाहनों की आवाजाही रुक गई है। इधर पूर्व कृषि मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरमोहिंदर सिंह चट्ठा को पुलिस ने पिपली चौक से ही वापस भेजा। शाहाबाद, इस्माईलाबाद, पिहोवा व लाडवा में किसानों को रोक लिया गया है।रैली के लिए आ रहे रोहतक में महम के विधायक बलराज कुंडू पुलिस को हिरासत में लिया गया।

कैथल पुलिस ने नई अनाज मंडी कैथल में सभी आढ़तियों को घेरा। बाहर निकलने पर पाबंदी लगाई। भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने कैथल कुरुक्षेत्र मार्ग पर जाम लगा दिया है। मौके पर नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह पहुंचे। किसानों का कहना है सरकार किसानों को दबाना चाहती है इसे किसान किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेंगे कुरुक्षेत्र जाने वाले सभी साथियों की चेकिंग पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही है।

नेशनल हाईवे पर किसानों ने लगाया जाम

पिपली किसान रैली में हिस्सा ले जा रहे किसानों को जब पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो उन्हें कैथल कुरुक्षेत्र रोड पर गांव ग्योंग के पास जाम लगा दिया । इससे स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो वह नेशनल हाईवे से नहीं हटेंगे। किसी भी हालत में पिपली  पहुंच कर रहेंगे  बता दें कि  किसान रैली इसलिए रखी गई है कि इसमें  सरकार द्वारा पारित आदेशों का विरोध किया जाना है। इस रैली को रोकने के लिए सभी जिलों में किसानों को नोटिस भी जारी किए गए थे। उनके घरों के बाहर ही नोटिस युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना, होशियार गिल, अजीत सिंह और सुभाष भागल को एसडीम थानेसर की ओर से नोटिस जारी किए गए थे। किसानों का कहना है कि यह अध्यादेश लाकर किसानों और व्यापारियों के बीच का भाईचारा खत्म करना चाहती है । किसान की खेती को बर्बाद करना चाहती है। सरकार को चाहिए था कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करती।

भारतीय किसान यूनियन का काफिला पिपली रैली के लिए ढांड  से रवाना हुआ था। जिसको आगे पबनावा रोका गया है  जहाँ पर मौजूद  डीएसपी कृष्ण कुमार की टीम द्वारा रोका गया, जिसमें थाना प्रभारी राजेश कुमार नायब तहसीलदार  हरदेव सिंह वह पुलिस बल के साथ सभी किसानों को गिरफ्तार करते ढांड  थाना में ले जाया गया । डीएसपी कृष्ण कुमार का कहना है कि कोरोना  महामारी को देखते हुए सरकार के आदेशों का पालन किया जा रहा है । और किसी भी भाकियू  नेता को पीपली नहीं जाने दिया जाएगा । इस अवसर पर रामपाल नंबरदार पबनावा ग्राम सचिव अश्वनी शर्मा, पटवारी धर्मपाल भी मौजूद रहे।करनाल पुलिस प्रशासन में हड़कंप के हालात हैं। कुरुक्षेत्र जिला प्रशासन ने जहां देर रात तक रैली करने की अनुमति नहीं दी वहीं पड़ोसी जिला होने के नाते करनाल में भी किसानों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें देर रात तक प्रयास करती रही। कई किसान नेताओं के घरों पर पुलिस ने बाकायदा नोटिस करके चस्पा रैली में भाग लेने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस की कार्रवाई के डर के चलते किसान नेता भूमिगत हो गए हैं।

यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों किसानों को छछरौली एमएल वर्मा चौक पर पुलिस ने रोका। किसान पीपली अनाज मंडी में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट जोगेश कुमार और डीएसपी राजेंद्र भारी पुलिस बल के साथ मौके पर।

करनाल से भी कुरुक्षेत्र रवाना हुए किसान, मजदूर और आढ़ती

कुरुक्षेत्र के पीपली में प्रस्तावित महारैली में भाग लेने के लिए करनाल से भी काफी किसान, मजदूर और आढ़ती रवाना हुए। इससे पहले उन्होंने जीटी रोड स्थित अनाज मंडी परिसर में एकजुटता दर्शाई और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लेकिन मौके पर तैनात पुलिस बल ने उन्हें ज्यादा देर रोष जताने नहीं दिया। इसके बाद तमाम किसानों, मजदूरों और आढ़तियों ने अलग अलग साधनों से कुरुक्षेत्र का रुख किया।

वीरवार को नई अनाज मंडी परिसर में एकत्र हुए किसानों ने सरकार के तीनों अध्यादेशों का पुरजोर विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। किसानों को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन और आढ़ती एसोसिएशन के नेताओं ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार के वास्तविक इरादों को समझने की सख्त जरूरत है। किसानों, आढ़तियों और मजदूरों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए बिना एक पल गंवाए एकजुट होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कुरुक्षेत्र के पीपली में रैली आयोजित करने से रोकने के साथ ही सरकार की मंशा जगजाहिर हो गई है लेकिन संघर्ष का यह सिलसिला अब यहीं थमने वाला नहीं है। जब तक ये किसान, आढ़ती और मजदूर विरोधी अध्यादेश वापस नहीं लिए जाते, इसी प्रकार एकजुट होकर अावाज बुलंद की जाती रहेगी। करीब एक घंटे तक अनाज मंडी परिसर में ही जोरदार नारेबाजी के बीच रोष जताने के बाद सभी प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर कुरुक्षेत्र का रुख किया। वहीं, हालात की संवेदनशीलता के मद्देनजर इस दौरान काफी पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।

जींद में अनाज आढ़ती एसोसिएशन नरवाना के प्रधान जयदेव बंसल की अध्य्क्षता में किसानों व आढ़तियों ने दी गिरफ्तारी।

सिटी एसएचओ महेन्द्र सिंह,नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह सहित भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सहित किसानों को पिपली जाने से रोका। प्रधान ने कहा संवैधानिक आजादी का हनन कर रही पुलिस और सरकार  किसानों व आढ़तियों ने पुलिस के खिलाफ किया प्रदर्शनपिपली अनाजमंडी में भारतीय किसान यूनियन की तीनों अध्यादेशों के विरोध में किसान बचाओ-मंडी बचाओ रैली में किसानों के पहुंचने से पहले पुलिस बल तैनात हो गया था। वहीं पुलिस नाकों को तोड़ते हुए किसान शाहाबाद की तरफ से पिपली चौक पर पहुंचे थे। यहां पुलिस ने किसानों को रोक लिया। किसानों ने सरकार और किसानों के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। बतारया जा रहा है कि 10-12 किसान दीवारों से कूदकर पिपली अनाज मंडी भी पहुंच गए। पुलिस किसानों को उठाने चली गई है।भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने वीरवार सुबह अपना मैसेज भेजा है। उन्होंने अपने मैसेज में कहा कि नाके तोड़ों और आगे बढ़ो। पुलिस उन पर लाठीचार्ज करती है तो विरोध करने की बजाय सड़क पर लंबे लेट जाना है। किसानों को लगने वाले एक-एक डंडे का हिसाब सरकार से लिया जाएगा। गुरनाम सिंह चढूनी इससे पहले वीरवार को भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाल चुके हैं।जीटी रोड पर दिल्ली और अंबाला से आते समय सभी कटों को बंद किया गया है। इसके साथ सर्विस रोड पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पिपली जाने वाले गुलजारीलाल नंद मार्ग के व्हीकलों को केडीबी रोड की तरफ डायवर्ट किया गया है। सेक्टर-3 से भी वाहनों को पिपली चौक की तरफ नहीं जाने दिया जा रहा। वाहन चालकों को वापस घूमकर जीटी रोड से अपने गंतव्य को जाना पड़ रहा है।डीसी शरणदीप कौर बराड़ व एसपी आस्था मोदी ने बताया कि जिले में 54 पुलिस नाके लगाए गए हैं। थानेसर, शाहाबाद, लाडवा व पिहोवा के लिए ड़यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। 600 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके लिए दूसरे जिलों से भी पुलिस फोर्स मंगवाई है। पुलिस चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए है। इसके साथ हर जिले में पुलिस ने नाके लगा रखे हैं। रैली से संबंधित वाहनों पर कड़ी निगरानी की जा रही है।जिलाधीश एवं उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने बताया है कि किसान बचाओ-मंडी बचाओ अभियान के तहत 10 सितंबर को पिपली अनाजमंडी में रैली को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाएं रखने के लिए धारा 144 लगाई गई है। इन आदेशों के बाद पिपली अनाजमंडी में पांच या इससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर पाबंदी रहेगी। सभी थाना पुलिस के अंतर्गत प्रभारी नाके लगाए हुए हैं। रैली से संबंधित किसी भी वाहन को पिपली अनाज मंडी की तरफ नहीं आने दिया जा रहा।

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