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अमेरिका ने कहा, चीन के हैकर्स के निशाने पर 100 से अधिक फर्में और एजेंसियां

वाशिंगटन। कोरोना वायरस के बाद चीन दूसरे तरीकों से भी देशों को नुकसान पहुंचाने के लिए काम कर रहा है। अब चीन के हैकर्स दुनिया के तमाम देशों के प्रमुख संस्थानों और कंपनियों के कम्प्यूटर हैक करके वहां से डेटा और अन्य चीजें चुराने की कोशिश में लगे हुए हैं। अमेरिका सहित कुछ अन्य देशों के कम्प्यूटर विशेषज्ञों ने चीन के हैकरों की इस गतिविधि को पकड़ा भी है।

अमेरिका के न्याय विभाग ने बुधवार को कहा कि चीन के हैकरों ने दुनियाभर के 100 से अधिक कंपनियों और संगठनों के नेटवर्क में सेंध लगाने की कोशिश की जिससे वो वहां पर अपने पीड़ितों को निकाल सकें। हैकिंग के माध्यम से वो दूसरे देशों में अपने खिलाफ इक्ट्ठा किए गए सबूत को भी नष्ट करना चाह रहे हैं जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनका बचाव हो सके।अमेरिकी सरकार ने बुधवार को चीन पर तीन सेटों के माध्यम से आरोप लगाए। चीन की इस तरह की गतिविधि से एक संदेश ये भी मिल रहा है कि वो अपने को विश्वशक्ति बनाने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। उसने दूसरे देशों के सिस्टम को नुकसान पहुंचाने के लिए अपने हैकरों को इस तरह के गलत काम में भी लगा दिया है।अभियोग में यह भी कहा गया है कि कुछ हैकर्स ने वीडियो गेम उद्योग के माध्यम से पैसे चोरी करने और लूटने के लिए मलेशियाई नागरिकों के साथ काम किया था। डिप्टी अटॉर्नी जनरल जेफरी ए. रोसेन ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का जिक्र करते हुए कहा कि चीनी सरकार ने अपने नागरिकों को दुनिया भर में कंप्यूटर घुसपैठ और हमले करने की अनुमति देने के लिए जानबूझकर चुनाव किया है क्योंकि ये कलाकार पीआरसी की भी मदद करेंगे।कोलंबिया के जिला के वकील माइकल आर. शेरविन ने कहा कि कुछ अपराधियों ने चीन के साथ अपने सहयोग को दुनिया भर में हैक और चोरी करने के लिए मुफ्त लाइसेंस प्रदान कर दिया है। जिसका वो फायदा उठाना चाह रहे हैं। जानकारी के अनुसार चीन के जांग हैरन, टैन डैलिन, जियांग लिझी, कियान चुआन और फू कियान हैकर ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यम से प्रौद्योगिकी कंपनियों, विश्वविद्यालयों, सरकारी एजेंसियों और गैर-लाभकारी संस्थाओं को अपना निशाना बनाया है।बताया जा रहा है कि चीन के इन हैकरों के पास कम्प्यूटर की सुरक्षा को तोड़ने के लिए कोड मौजूद था जिसका प्रयोग करते हुए इन्होंने इस तरह के काम को अंजाम दिया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये पहला मौका नहीं है जब चीनी हैकरों ने इस तरह की गतिविधि को अंजाम दिया हो, इससे पहले भी वो इस तरह के काम कर चुके हैं। इन हैकरों ने कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए की गई रिसर्च की भी डिटेल को चुराने की कोशिश की थी मगर नाकामयाब रहे।कुछ चीनी हैकर्स ने दो मलेशियाई व्यापारियों के साथ वीडियो गेम प्लेटफार्मों का उपयोग करने के लिए कंपनियों से चोरी करने और गैरकानूनी आय को कम करने के लिए भी काम किया। अधिकारियों ने कहा कि वोंग ओंग हुआ और लिंग यांग चिंग नामक व्यापारियों को सोमवार को मलेशिया में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर गतिविधि और हैकर्स को साइबरसर्चर्स द्वारा समूह के नाम के तहत खतरा 41, बेरियम, विन्ती, दुष्ट पांडा और पांडा स्पाइडर द्वारा ट्रैक किया गया था।

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