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महिला ने लगाया दबंगों पर हत्या का आरोप), गर्भवती महिला की लात घूँसों से गाँव दबंगों ने की जमकर पिटाई, पेट में पल रहे तीन माह के बच्चे की मौके पर मौत

लखनऊ। लखनऊ के थाना व तहसील मोहनलालगंज अंतर्गत आने वाले ग्राम कुंवर खेड़ा मजरा सुलसामऊ हिलगी का एक दिलदहला देने वाला मामला 18 नवम्बर दिन बुधवार की सुबह सामने आया। जहाँ पर एक तीन माह की गर्भवती महिला को गाँव के ही कुछ दबंगों द्वारा लात घूँसों से जमकर पिटा गया है। गर्भवती महिला प्रीति रावत का कसूर बस इतना था कि वह अपनी सास की आवाज़ सुन बचाने आ पहुँची। उसकी साँस को गाँव के ही कुछ दबंगों द्वारा मारा पीटा जा रहा था। जानकारी के मुताबिक आपको बता दें कि क्या है पूरा मामला मामला जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ है उसी जमीन पर दीया जलाने को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था। आखिर क्या कसूर था मासूम बच्चें का जिसकी गर्भवती महिला प्रीति के पेट में मौत हो गई प्रीति रावत द्वारा अपने बयान में यह आरोप लगाया है कि उसके पेट में पल रहा तीन माह का बच्चा जिसकी मौत की वजह गर्भवती महिला के पेट पर लात घूँसों की बौछार करना बताया। पीड़िता ने आरोप लगाते हुए यह भी बताया कि ज़मीनी विवाद को लेकर पुरानी रंजिश रखने वाले गाँव के दबंग लोगों द्वारा उसको व उसकी सास को मारापीटा गया। जिसके बाद घर के अन्य सदस्यों को भी मारा पीटा गया है। महिला प्रीति का यह भी आरोप है कि कुछ समझ पाती की उसके ऊपर गांव के दबंगों द्वारा हमला कर दिया गया। जिसमें महिला को बलडिंग होने लगी महिला मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी महिला के साथ यह घटना होते ही घरवाले उसको आनन फानन में अस्पताल ले गए लेकिन डॉक्टरों द्वारा तीन माह की गर्भवती महिला के पेट में पल रहा शिशु की मौत हो चुकी थी।  पीड़ित शांति पत्नी राम लखन निवासी ग्राम कुंवर खेड़ा मजरा सुलसामऊ हिलगी थाना व तहसील मोहनलालगंज जिला लखनऊ की रहने वाली है जिन्होंने अपने बयान में यह बताया है कि हर रोज़ की तरह 18 नवम्बर 2020 को समय सुबह लगभग 7:00 बजे जब पीड़िता शांति पत्नी राम लखन अपने घर से मजदूरी करने के लिए लखनऊ के लिए निकली और गांव के बाहर पहुंची ही पहुंची थी तभी गांव के कुछ दबंगों द्वारा जो कि पूर्व से ही जमीनी विवाद को लेकर रंजिश रखें हुए थे। पीड़िता शांति पत्नी राम लखन द्वारा जिनके नाम नवमी लाल यादव पुत्र स्वर्गीय अयोध्या प्रसाद व दिनेश यादव व विशाल यादव व शिव कुमार यादव व सूरज यादव पुत्रगण नवमी लाल यादव पर मारपीट का आरोप लगा रही है। जोकि यह लोग पहले से ही रास्ते में घात लगाए बैठे हुए थे जैसे ही शांति पत्नी राम लखन इन लोगों के पास पहुंची इससे पहले की शांति पत्नी राम लखन कुछ समझ पाती उसके ऊपर विपक्षीगण द्वारा अचानक टूट पड़े और लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। जिससे शांति पत्नी राम लखन चीख़ते व चिल्लाते हुए भागने लगी और लड़खड़ाते हुए वहीं पर गिर पड़ी जिसकी आवाज सुनकर शांति पत्नी राम लखन को बचाने के लिए उसकी बहुएं आ पहुंची जिसमें उसकी बड़ी बहू प्रीति का कहना है कि 3 माह की गर्भवती थी। इससे पहले की शांति पत्नी राम लखन की बहुओं को कुछ समझ में आता कि क्या बात हो गई। शांति पत्नी राम लखन के साथ-साथ बहू प्रीति को भी विपक्षीगणों द्वारा जाति सूचक गालियां देते हुए लात घूँसों से बुरी तरह मारना पीटना शुरू कर दिया गया। मारपीट में दबंगों द्वारा किए गए हमलें में शांति पत्नी राम लखन की बहू प्रीति ने यह आरोप लगाया है की मेरी पीठ व पेट पर कई बार जोर से लात घूँसों से वार किए जाने की वजह से पेट में पल रहा बच्चा मर गया। जिसके बाद बहू प्रीति को पेट में भयंकर दर्द के साथ ब्लीडिंग होने लगी इतना सब होने के बाद भी विपक्षीदलों ने प्रीति के कपड़े फाड़ डाले एवं बुरी नीयत से उसके आपत्तिजनक अंगों के साथ छेड़छाड़ करने लगे प्रीति वहीं पर बेहोश होकर गिर गई। प्रीति द्वारा यह भी आरोप लगाया जा रहा है। तभी परिवार के सभी लोग बचाने दौड़े तो उपरोक्त सभी विपक्षीगण बहू प्रीति व शांति पत्नी राम लखन को मरणासन्न अवस्था में छोड़कर वहां से भाग निकले यही नहीं बल्कि इससे पूर्व भी विपक्षीगणों के विरुद्ध दिनांक 14 जनवरी 2020 को मु0 सं0- 30/ 2020 अं0 धारा- 323, 504, 506 आई.पी.सी व 3(1) द, ध एसoएसoटीo एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत है इसके बावजूद उक्त विपक्षीगणों का आतंक शांति पत्नी राम लखन व उसके परिवार पर लगातार बना हुआ है। शांति पत्नी राम लखन निवासी ग्राम कुंवर खेड़ा मजरा सुलसामऊ हिलगी लखनऊ प्रीति पत्नी राहुल निवासी ग्राम कुंवर खेड़ा मजरा सुलसामऊ हिलगी द्वारा 18 नवम्बर 2020 को चौकी पर जाकर पूरी घटना को चौकी प्रभारी से बताया तो उनके द्वारा यह कहा गया कि डायल100 को बुलाओ मैं नहीं जाऊंगा डायल100 को फोन किया गया लेकिन डायल100 जब तक वहा पहुंची देर हो चुकी थी जिसके बाद पीड़िता मोहनलालगंज कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाने लगी। पीड़िता द्वारा मोहनलालगंज थाने में प्रार्थना पत्र दे दिया गया है। इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए जब ए.सी.पी प्रवीण मलिक ने गांव जाकर पूरी घटना की जानकारी की जिसके बाद की उन्होंने ने बताया कि यह एक आबादी की जमीन पर दीया जलाने को लेकर विवाद पहले हो चुका था। इसी विवाद को लेकर यह मारपीट लड़ाई झगड़ा हुआ। एवं गर्भवती महिला के तीन माह का बच्चा जोकि मारपीट के दौरान पीठ व पेट में लात पड़ने से उस बच्चे की मौत पेट में हो गई और महिला को ब्लड निकलने लगा व महिला बेहोश हो गई। यह आरोप प्रीति द्वारा लगाया जा रहा है इस सम्बंध में प्रवीण मलिक ने मेडिकल जांच कर बात सही पाए जाने पर आरोपियों पर सम्बन्धित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करने की बात कही है। पीड़िता का यह आरोप भी है कि पुलिस मिलीभगत कर इतनी बड़ी घटना को दबाने के चक्कर में लगी थी एवं जब यह बात मीडिया के संज्ञान में आई तो पीड़िता के लड़के सहित महिला को थाने में बैठा लिया गया। जिसके बाद शाम को महिला को छोड़ दिया गया लेकिन उसके लड़के को जेल भेजने की बात पुलिस द्वारा कही जा रही है।अब देखने वाली बात यह है कि आखिर पीड़िता को न्याय मिल पाता है या अन्य मामलों की तरह इंसाफ के नाम पर खानापूर्ति कर फाइलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। हालांकि अभी तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

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