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विधायक दल की बैठक में अशोक गहलोत सरकार का किया गया समर्थन

नई दिल्ली। राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच सीएम आवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक खत्म हो गई। इसके बाद बसों में सवार हो कर कांग्रेस विधायक सीएम आवास से निकल चुके हैं।  इससे पहले समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार सीएम अशोक गहलोत के मीडिया सलाहकार ने जानकारी दी कि बैठक में 107 विधायक मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार यह बैठक तय समय से लगभग तीन घंटे देरी से शुरू हुई। इससे पहले समाचार एजेंसी पीटीआइ ने जानकारी दी थी कि बैठक शुरू होने से एक घंटे पहले दोपहर करीब साढ़े 12 बजे तक लगभग 100 विधायक मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंचे थे। इस बैठक में पायलट के करीबी माने जाने वाले कुछ विधायक नहीं पहुंचे थे। समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार ये विधायक जी आर खटाना, हरीश मीणा, रमेश मीणा, विश्वेंद्र सिंह, वेद प्रकाश, मुकेश भाकर और रामनिवास गवरिया हैं।

गौरतलब है कि पार्टी पहले ही दावा कर चुकी है कि उसके पास 109 विधायकों का समर्थन है। पार्टी ने उप मुख्यमंत्री और पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष सचिन पायलट के दावे को खारिज कर दिया है कि सरकार के पास बहुमत नहीं है। बता दें कि पार्टी ने इस बैठक को लेकर व्हिप जारी किया है। राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने जानकारी दी थी कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में बगैर किसी सूचना के न शामिल होने वाले विधायकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि भाजपा द्वारा लोकतंत्र का यह चीरहरण राजस्थान के 8 करोड़ लोगों का अपमान है, वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे। विधायक दल की बैठक में यह भी कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और नेता राहुल गांधी के प्रति अपना विश्वास व्यक्त करते हैं और अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार का सर्वसम्मति से समर्थन करते हैं।

इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है, ‘ मैं सभी कांग्रेस विधायकों से अपील करता हूं कि लोगों ने राज्य में एक स्थिर सरकार का नेतृत्व करने के लिए कांग्रेस को वोट दिया है, इसलिए सभी विधायकों को आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल होना चाहिए और राज्य में हमारी सरकार को मजबूत बनाना चाहिए। पिछले 48 घंटों में, कांग्रेस नेतृत्व ने वर्तमान राजनीतिक स्थिति (राजस्थान में) के बारे में सचिन पायलट से कई बार बात की है।’

सुरजेवाला ने यह भी कहा, ‘किसी भी नेता को कोई दिक्कत है वे आगे आएं और पार्टी फोरम पर इसका उल्लेख करें। हम इसे एक साथ हल करने और राज्य में अपने सरकार को बरकरार रखने के लिए काम करेंगे। मैं स्पष्ट रूप से बताना चाहता हूं कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार स्थिर है और हम पूरा कार्यकाल पूरा करेंगे। राज्य में भाजपा की कोई भी साजिश हमारी सरकार को गिराने में सफल नहीं होगी।’

इसी बीच कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार के अंत की शुरुआत राजस्थान से होगी। राजस्थान के लोग चाहते है कि सीएम अशोक गहलोत के नेतृत्व में सरकार अपना पूरा कार्यकाल पूरा करे। कल रात 115 विधायक हमारे साथ थे, अब 109 हमारे साथ हैं। हमारे पास बहुमत है। वहीं राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सतीश पुनिया ने कहा कि सचिन पायलट राजस्थान के मुख्यमंत्री पद के लिए सही उम्मीदवार थे, लेकिन अशोक गहलोत ने कार्यभार संभाला। तब से पार्टी में संघर्ष शुरू हो गया। आज जो हो रहा है, वह उसी संघर्ष का परिणाम है। राज्य सरकार बहुमत खो चुकी है।

पायलट पार्टी से ऊपर नहीं- अविनाश पांडे 

पांडे ने कहा कि उन्होंने पायलट से बात करने की कोशिश की और मैसेज भी भेजा है, लेकिन उन्होंने (पायलट) अभी तक जवाब नहीं दिया है। वे पार्टी से ऊपर नहीं है। पार्टी उनकी बात सुनने के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उम्मीद है कि वे मीटिंग में शामिल होंगे। इसी बीच कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने बड़ी जानकारी दी है। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार उन्होंने कहा है कि सचिन पायलट भाजपा में शामिल हो गए हैं। कांग्रेस पार्टी के प्रति भाजपा का रवैया सभी जानते हैं। पार्टी को भाजपा से प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस पार्टी में, सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाता है।

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