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चौबेपुर क्षेत्रीय लोगों नें घरों में पढ़ी ईद-उल- अजहा की नमाज़

चौबेपुर क्षेत्रीय लोगों नें घरों में पढ़ी ईद-उल- अजहा की नमाज़

वाराणसी –
क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय के लोगों नें कोरोना जैसी वैश्विक महामारी और लाकडाउन को देखते हुये, शोशल डिस्टेंस का सम्पूर्ण पालन करते हुये ईदु – उल-अजहा की नमाज़ ईदगाह में ना पढ़ते हुये। अपने अपनें घरों में नमाज़ अदा की है। शासन के निर्देशों का पालन किया वहीं हाजी हफीज़ुल्ला वारसी इस्लामिक जानकार व शाहिद आलम नें बताया कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में सारे अरब देशों के इमाम व मौलाना नें कहाँ था की वर्चुअल कुरबानी और घरों से ही ईदु-उल-अजहा की नमाज पढ़ीं जाये, जिसका हम सभी पुरुष एवं महिलाऐं और बच्चों ने शोशल डिस्टेंस का पालन किया ताकि सामाजिक दूरी बनानें में सफल हों सकें और कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से बचाव भी कर सकेंगें जिसका पूरी तरह से सोशल डिस्टेंसिग का पालन भी हो । सभी लोगों नें एक दूसरे को गले ना मिलनें की जगह दो गज की दूरी से दुआ सलाम किया। वहीं हिन्दू भाईयों को बधाई देते हुये, दूर से ही हाथ जोड़ा गया है, वहीं युवा पीढ़ी नें सोशल मीडिया फेसबुक, वाट्सएप के माध्यम से अपने-अपनें शुभ चिन्तकों और रिस्तेदार को ईदु-उल- आजहा की ढेर सारी बधाई भी दी।हाजी हफीज़ुउल्ला वारसी नें बताया की ईद उल-अजहा का अक्षरशः अर्थ त्याग बली और अल्लाह के सामनें रोनें और बलिदान व त्याग वाली ईद है, इसलिए हम सभी को मिलजुकर कोरोना जैसी वैश्विक महामारी को हरायेगें, इसीलिये इस बार की नमाज़ कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से बचाव के लिये पढ़ी गई और अल्लाह पाक से दुआ मांगी गईं की पूरे विश्व को कोरोना से निजात मिल सके ।

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