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पाकिस्तान ने नियमों का उल्लंघन किया- हरीश साल्वे
Go Back | ASHOKSRIVASTAV , Feb 18, 2019 05:05 PM
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द हेग, प्रेट्र। पुलवामा हमले के बाद भारत तथा पाकिस्तान में पैदा हालिया तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत में (आइसीजे) भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले में सार्वजनिक सुनवाई शुरू हो गई है। चार दिन चलने वाली सुनवाई में भारत और पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत में अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे ।भारत की तरफ से मशहूर वकील हरीश साल्वे दलील दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस नहीं दिया। भारत और पाकिस्तान ने वियना कन्वेंशन पर सहमति से हस्ताक्षर किए थे। पाकिस्तान जाधव पर प्रोपेगेंडा में में जुटा हुआ है। पाकिस्तान ने वियना संधि का उल्लंघन किया है। 

उन्होंने कहा कि भारत के पास जाधव की किडनैपिंग के सबूत हैं। पाकिस्तान ने जाधव के अधिकारों का भी उल्लंघन किया है। पाकिस्तान की कहानी घिसीपिटी है। उसके पास सबूत नहीं है। पाकिस्तान भारत विरोधी प्रोपैगेंडा में फेल हो गया है। पाकिस्तान जाधव को काउंसलर ऐक्सेस देने के लिए समझौते से बंधा हुआ है। लेकिन पाकिस्तान ने भारत के 13 रिमाइंडर का जवाब नहीं दिया है।जाधव की जांच के लिए पाकिस्तान में संयुक्त जांच टीम बनाया गया लेकिन उस जांच की जानकारी के बारे में मालूम नहीं चल पाया है। पाकिस्तान ने जाधव को उसके अधिकार के बारे में भी जानकारी नहीं दी। पाकिस्तान ने जाधव पर तीन साल अत्याचार किया। भारत ने कब-तब पाकिस्तान को जाधव का कॉन्सुलर ऐक्सेस के लिए निवेदन किया, इसकी जानकारी कोर्ट को हरीश साल्वे ने दी।

भारत ने पहली बार 8 मई 2017 को आइसीजे का दरवाजा खटखटाते हुए पाकिस्तान के अहंकारी रुख और 'वियना संधि' के प्रावधानों के उल्लंघन से अवगत कराया था। कहा था कि आग्रह के बावजूद पाकिस्तान ने जाधव को काउंसलर उपलब्ध नहीं कराया।भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायलय में सुनवाई के दौरान कहा कि पाकिस्तान ने जाधव को काउंसलर मुहैया कराने की भारत की हर अपील को नजरंदाज किया। साल्वे ने कहा कि भारत ने 13 बार रिमाइंडर भेजे, लेकिन पाक ने कोई जवाब नहीं दिया।

साल्वे में एक-एक कर तारीखवार भारत की कोशिशों को ब्योरा सामने रखा। पाकिस्तान ने जाधव से जबरदस्ती अपराध कबूल करवाया गया। जाधव के खिलाफ काफी देर से एफआईआर दर्ज किया गया। साल्वे ने ICJ में इस बात को जोरदार तरीके से सामने रखा कि जाधव निर्दोष हैं और पाकिस्तान ने उन्हें गलत तरीके से फंसाया है।जाधव को कोई वकील भी नहीं दिया गया। चार्जशीट और मिलिटरी कोर्ट का आदेश पाकिस्तान ने कभी सार्वजनिक नहीं किया है। साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने सार्क कन्वेशन को लागू नहीं किया और जाधव के मामले में वकील भी मुहैया नहीं कराया।आईसीजे में हरीश साल्वे कहा कि पाकिस्तान जाधव के आरोपों की जानकारी नहीं दे रहा है। गंभीर आरोपों के बारे में जानकारी नहीं दे रहा है। मौत की सजा फर्जी पासपोर्ट के लिए नहीं दी गई है। जाधव मामले में राजनयिक संपर्क पर वियना संधि के उल्लंघन सहित केवल दो मूल मुद्दे हैं। हरीश साल्वे वियना संधि की शर्तों की व्याख्या करते हुए पाकिस्तान को घेर रहे हैं।

साल्वे अपनी दलीलों में वियना संधि के विभिन्न आर्टिकल्स का जिक्र कर रहे हैं और बता रहे हैं कि पड़ोसी मुल्क कैसे उनके देश के एक निर्दोष नागरिक की जान लेने पर आमादा है। किसी सभ्य राष्ट्र द्वारा बेसिक नियमों का उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए। जाधव मामले में पाकस्तान ने नियमों का उल्लंघन किया।पाकिस्तान ने मामले को इतना लंबा खींचने के पीछे कोई तर्कपूर्ण वजह नहीं बताई। पाकिस्तान ने जाधव के परिवार को उनसे मिलने की अनुमति देने की पेशकश की, शर्तों पर सहमति बनी और बैठक 25 दिसंबर, 2017 को आयोजित की गई। भारत ने जाधव के परिवार के साथ बैठक करने के तरीके को खारिज कर दिया था और 27 दिसंबर को एक पत्र लिखकर अपना विरोध जताया था।

साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान को इस बात के लिए पर्याप्त स्पष्टीकरण देना चाहिए कि उसे कांसुलर एक्सेस प्रदान करने के लिए 3 महीने की आवश्यकता क्यों है, जिस पर उसने दावा किया है कि उसने संधि बाध्यता का अनुपालन किया। पाकिस्तान ने 13 बार भारत की कोशिशों को नजरअंदाज किया का भी पाकिस्तान ने नजरअंदाज किया। भारत ने जाधव की पहचान साबित करने के लिए पाकिस्तान को पर्याप्त सबूत भेजे।आइसीजे की 10 सदस्यीय पीठ ने 18 मई 2017 को पाकिस्तान को न्यायिक निर्णय आने तक जाधव को सजा देने से रोक दिया था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद आइसीजे की स्थापना अंतरराष्ट्रीय मसलों को सुलझाने के लिए की गई थी। हेग स्थित न्यायालय ने हाईप्रोफाइल जाधव मामले की सार्वजनिक सुनवाई के लिए 18-21 फरवरी तक का समय तय कर रखा है।

इस साल गर्मियों में आ सकता है आइसीजे का फैसला

आज भारत पहले अपना तर्क रख रहा है, जबकि पाकिस्तान को मंगलवार को पक्ष रखने का मौका मिलेगा। बुधवार को भारत इसका जवाब देगा, जबकि गुरुवार को पाकिस्तान को समापन पक्ष रखने का मौका मिलेगा। उम्मीद की जा रही है कि आइसीजे इसी साल गर्मी में फैसला सुना सकता है।

पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने सुनाई थी मौत की सजा

जाधव भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अफसर हैं। अप्रैल 2017 में पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने उन्हें जासूसी और आतंकवाद फैलाने के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने 48 वर्षीय जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को उसी वर्ष मई में आइसीजे में चुनौती दी थी।

  REPORTER ASHOKSRIVASTAV
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