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चुनाव से पहले ही नितीश को बड़ा झटका ,श्याम रजक ने लिया फैसला JDU छोड़ने का

पटना । बिहार के उद्योग मंत्री श्याम रजक जनता दल यूनाइटेड  से नाता तोड़ने की तैयारी में हैैं। सोमवार को वे अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैैं। इसके साथ ही वे जेडीयू भी छोड़ देंगे। ऐसी चर्चा है कि वे राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) में घर वापसी करेंगे। वहीं पूर्णिया इलाके से आने वाले एक और मंत्री के भी जेडीयू से इस्तीफा देने की खबर आ रही है। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पहले मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को यह बड़ा झटका है। वे पार्टी के बड़े दलित नेता थे।

श्याम रजक ने कहा कि सोमवार को वे अपने नए फैसले की घोषणा करेंगे। उनका झगड़ा किसी से नहीं है। लड़ाई विचारधारा की है। कहा, ”मैैं बाबा साहब भीम राव अंबेडकर व पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की तस्वीर के नीचे बैठने वाला आदमी हूं। उनके सिद्धांतों पर आगे बढ़ता हूं।”

सूत्रों की मानें तो श्याम रजक उद्योग विभाग में एक अधिकारी की तैनाती को लेकर नाराज चल रहे थे। पिछले कुछ दिनों से वह अपने दफ्तर भी नहीं जा रहे थे। उन्हें मनाने का भी प्रयास किया गया था। जेडीयू में वे बड़े दलित चेहरा थे। उनके जाने को जेडीयू की बड़ी क्षति माना जा रहा है।

श्याम रजक सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष के पास जाकर  इस्‍तीफा देंगे। इसके बाद पार्टी छोड़ देंगे। बताया जा रहा है कि इसके बाद वे आरजेडी में शामिल होंगे। हालांकि, इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वैसे श्‍याम रजक एक जमाने में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के करीबी माने जाते थे। उनकी व रामकृपाल यादव (Ram Kripal Yadav) की जोड़ी को ‘राम-श्याम’ (Ram-Shyam) की जोड़ी कहा जाता था। वे आरजेडी में राबड़ी देवी की सरकार (Rabri Devi Government) में मंत्री भी रहे। लेकिन 2009 में वे जेडीयू में शामिल हो गए।

जेडीयू में आने के बाद श्‍याम रजक 2010 में विधायक बने, फिर मंत्री भी बने। लेकिन 2015 में महागठबंधन की सरकार में उन्‍हें मंत्री नहीं बनाया गया। महागठबंधन से अलग होकर जब नीतीश कुमार ने एनडीए की सरकार बनाई, तब उसमें श्‍याम रजक फिर मंत्री बना दिए गए। उन्‍होंने कहा कि मंत्री पद उनके लिए बहुत मतलब नहीं रखता है। कई बार वह मंत्री रहे हैैं। फुलवारीशरीफ विधानसभा क्षेत्र से कई बार जीते हैैं। सिद्धांत से विपरीत अगर कोई बात होती है तो अच्छा नहीं लगता है।राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा भी है कि पूर्णिया इलाके के एक मंत्री भी इस्तीफा देने का मन बना चुके हैैं। वे  भी आरजेडी में जा सकते हैैं।

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