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लखनऊ राजधानी के हंस खेड़ा पारा क्षेत्र में चौकी हंस खेड़ा के सामने पशु आश्रय ग्रह पशुओं की दुर्दशा बुरी

लखनऊ राजधानी के हंस खेड़ा पारा क्षेत्र में चौकी हंस खेड़ा के सामने पशु आश्रय ग्रह पशुओं की दुर्दशा बुरी

रिपोर्ट जनाब खान

पारा क्षेत्र में पशु आश्रय गृह में गंदगी का अंबार सफाई व्यवस्था ध्वस्त आश्रय गृह के पशु अपनी आखिरी घड़ी का इंतजार कर रहे हैं

कई बीघा जमीन में पीलीभीत के सांसद व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा सन 2000 में पशु आश्रय गृह का उद्घाटन किया गया जिसकी आज पशु आश्रय गृह की दुर्दशा बुरी जानवर जो अंदर है मरने की कगार पर देखरेख ना के बराबर गाय बैल अनेकों जानवर पशु आश्रय गृह के अंदर रहते हैं भुखमरी की कगार पर चारा चरी चोकर भूसा जानवरों को मिलता नहीं जिसके चलते जानवरों के साथ खिलवाड़ किया जाता है मासूम जानवरों का कोई मोल नहीं कोई देखरेख नहीं मरने की कगार पर जानवर पशु आश्रय गृह के अंदर मर जाते हैं और उनको वहीं दफना दिया जाता है शासन प्रशासन के अधिकारी गण इस पशु आश्रय गृह को अपनी निगरानी में नहीं ले रहे नगर निगम लखनऊ के अंतर्गत आता है सैकड़ों की तादात में आवारा किस्म की गाय अनेकों जानवर सड़कों पर बैठे रहते हैं घूमा करते हैं इनको पशु आश्रय गृह के अंदर आश्रय नहीं मिलता सड़कों पर बैठे जानवरों से लोग एक्सीडेंट का कारण भी बनते हैं हंस खेड़ा चौकी के सामने पशु आश्रय गृह काफी बड़ी तादाद में बना हुआ है पशु आश्रय गृह के अंदर गंदगी का अंबार भरा हुआ है कभी भी गंदगी बाहर नहीं फेंकी जाती सफाई व्यवस्था नहीं कराई जाती जो भी सरकार द्वारा पैसा आता है और चंदा आता है सब डॉक्टर बा देखरेख करने वाले लोग मिलकर खा जाते हैं पशु आश्रय गृह के जो इसके जिम्मेदार अधिकारी गण है उसका खामियाजा मासूम जानवर अपनी जान देकर भुगत रहे हैं नगर निगम लखनऊ को पशु आश्रय गृह को हैंडोवर लेना चाहिए मगर नहीं लिया जाता सैकड़ों जानवर सड़कों पर आवारा किस्म के घूमते रहते हैं उनको आश्रय गृह में नगर निगम पनाहा नहीं देता कई बीघा में पशु आश्रय गृह बना हुआ है यहां के जिम्मेदार लोगों ने जमीन कब जाने के चक्कर में आश्रय गृह बना रखा है मगर यहां पर जानवरों को आश्रय नहीं दिया जाता खानापूर्ति की जाती है डॉक्टर मनमाना कार्य करते हैं जानवरों को समय पर खाना नहीं मिलता जिसके चलते आश्रय गृह के अंदर जानवर बत्तर हालत में है मरने की कगार पर हैं सूखकर कांटा हो गए हैं चारों तरफ पशु आश्रय गृह के अंदर झाड़ झंकार लगा हुआ है जिसकी सफाई कभी भी यहां के जिम्मेदार लोगों ने नहीं कराई लखनऊ नगर निगम के अधिकारी गण इस पशु आश्रय गृह को कभी अपने संज्ञान में नहीं लिया इतनी बड़ी भूमि पर पशु आश्रय गृह बना हुआ है जिसमें पशुओं को भूखा रखकर मारने के सिवा और कुछ नहीं किया जाता चिकित्सालय के नाम पर खानापूर्ति होती है

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