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जीरो बजट खेती अपनाने से होगी किसानों की आय दोगुनी

वाराणसी। सेवापुरी वर्तमान समय मे रसायनिक उर्वरकों व जहरीली कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से भूमि,जल,वायु सहित सम्पूर्ण पर्यावरण प्रदूषित हुआ है ,जिसके कारण विभिन्न प्रकार के रोग ब्याधियों से मानव समाज भी अछूता नही है।ऐसे मे आवश्यक, है कि जीरो बजट गौ आधारित प्राकृतिक खेती को अपनाया जाय।उक्त बाते लोक भारती के सम्पर्क प्रमुख एवं कृषि समृद्धि आयोग के सदस्य श्रीकृष्ण चौधरी ने मंगलवार को नहवानीपुर प्राथमिक विद्यालय मे आयोजित कृषक प्रशिक्षण मे किसानों के बीच कही।

किसानों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा जीरो वजट गौ आधारित प्राकृतिक खेती पद्यति मे बाजार आधारित निवेशों का प्रयोग न होने से उत्पादन लागत कम होगी और उत्पादित खाद्यान्न भी प्रदूषण व जहर से मुक्त होंगे।ऐसे मे किसानों द्वारा उत्पादित खाद्यान्नों का बेहतर मूल्य मिलने से किसानों को अधिक मुनाफा होगा।
ऐसे बढ़ेगी किसानों की आय
श्री चौधरी ने कहा कि यदि किसान गौ आधारित प्राकृतिक खेती को जागरुकता के साथ अपनायें तो इस खेती से प्राप्त उत्पादों को न्यूट्रिशनल बैल्यू के साथ पारम्परिक एवं सास्कृतिक आधार पर “जीरो बजट प्राकृतिक खेती के अंतर्गत उत्पादित” ब्रान्ड के रूप मे उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जा सकता है।कृषकों के द्वारा चेन सिस्टम के माध्यम से गाँव कस्बों एवं महानगरों मे रिटेल आउटपुट स्थापित कर इन उत्पादों के विपणन माडल विकसित कर किसानों की आमदनी दोगुनी कर सकते हैं।
काशी प्रांत के गो सेवा प्रमुख अरविंद कुमार ने कहा कि खेतों मे लगातार बढ़ रहे खतरनाक रसायनों,हाइब्रिड बीजों एवं अधिक भूजल उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति,भूजल स्तर के साथ ही मानव स्वास्थ्य मे निरंतर गिरावट आ रही है।इन समस्याओं से यदि निजात पाना है तो हमे प्राकृतिक खेती अपनाना होगा।उन्होंने कहा कि गौ आधारित प्राकृतिक खेती अपनाकर ही हम बिष मुक्त खाद्यान्न का उत्पादन कर सकते हैं।
कार्यक्रम को महेंद्र कुमार सिंह,चंद्रशेखर मिश्रा,रजनीश पाठक,डा.डी.पटेल,ओम प्रकाश दुबे आदि ने भी किसानों को प्राकृतिक खेती की सफलता के सम्बंध मे जानकारी उपलब्ध करायी।
किसानों ने सुनाई सफलता की कहानी
लोक भारती एवं कृषि विभाग के तत्वावधान मे चलाये जा रहे प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण कार्यक्रम मे रायबरेली के शेषपाल सिंह,मगन बिहारी बहराइच के मगन बिहारी पाठक ने उपस्थित किसानों ने गौ आधारित प्राकृतिक खेती की सफलता की कहानियां सुनाते हुए घनजीवामृत,जीवामृत,बीजामृत आदि बनाने की विधि व उपयोग का तरीका बताया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम मे फसल सुरक्षा हेतु कृषि विशेषज्ञों ने अग्निअस्त्र, ब्र्ह्मास्त्र,नीमास्त्र बनाने की बिधियों व इनके माध्यम से फसल सुरक्षा के तरीकों पर चर्चा की गयी।
कृषि विभाग के संयुक्त कृषि निदेशक अखिलेश चंद्र शर्मा व जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्या ने उपस्थित किसानों के बीच जीरो बजट गौ आधारित प्राकृतिक खेती के महत्व पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
इस दौरान हरिओम सेवा संस्थान के प्रतिनिधि अशोक राय,प्रतिभा राय, आशीष कुमार मौर्या,कृष्ण कुमार सिंह,
खण्ड तकनीकी प्रबंधक देवमणि त्रिपाठी,संजय दुबे,रमाशंकर सिंह सहित सैंकड़ो किसान उपस्थित रहे।

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