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Varanasi

पांच जगहों पर लगेंगे हैंड फ्री सेनेटाइजर मशीन ,मंदिर परिसर में मेडिकल कैंप के साथ होगी एम्बुलेंस की व्यवस्था

वाराणसी  । भगवान शिव का अतिप्रिय महीना सावन 6 जुलाई सोमवार से शुरू हो रहा है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। देश में फैले कोरोना संकट को देखते हुए एक तरफ जहां सावन में कावरियों के आवागमन पर रोक लगा दिया गया है वहीं काशी विश्वनाथ के दर्शन को आने वाले भक्तों को कोविड-19 से बचाव के साथ दर्शन करवाने की व्यवस्था मंदिर परिसर में की जा रही है।

तैयारियों के संदर्भ में मुख्य कार्यपालक अधिकारी गौरांग राठी ने सोमवार को बताया कि कोविड-19 से बचाव के साथ भक्तों को सुलभ दर्शन करवाना हमारी पहली प्राथमिकता होगी। दो से तीन जोन में भक्तों को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। छह-छह फिट की सोशल डिस्टेंसिंग के साथ एक बार में पांच भक्त ही मंदिर में प्रेवश कर सकेंगे। परिसर में पांच जगहों पर हैंड सेनेटाइजर मशीन लगाया जाएगा। श्रद्धालु हाथों को सेनेटाइज करने के बाद मंदिर में प्रवेश करेंगे।

जानकारी देते मुख्य कार्यपालक अधिकारी गौरांग राठी
आवागमन के लिए तीन मार्ग
भक्तों के आवागमन के लिए तीन मार्ग निर्धारित किये गए है। भक्तों आवागमन के लिए पांचों पंडवा गेट से प्रवेश व निकास, ढुंढिराज गणेश द्वार से प्रवेश , गेट नंबर चार से होते हुए बद्रीनाथ गेट से प्रवेश व नंदफरिया गेट दे भक्तों को निकास दिया जाएगा। सावन सोमवार को एक अतिरिक्त गेट शनिदेव के समीप बनाया जाएगा। सीईओ ने बताया कि पूर्व की भांति सभी परंपराओं का निर्वहन होगा। आरती-पूजाएं विधिवत होंगी। बाबा विश्वनाथ के चारों सोमवार को होने वाले विशेष श्रृंगार-पूजन यथावत होंगे।

विशेष श्रृंगार-आरती

सावन के हर सोमवार को बाबा का विशेष श्रृंगार होगा। पहले सोमवार को भगवान शंकर का श्रृंगार होगा। दूसरे सोमवार को भगवान शंकर और पार्वती का और तीसरे सोमवार को अर्धनारीश्वर श्रृंगार होगा। अंतिम सोमवार के दिन बाबा का रुद्राक्ष श्रृंगार होगा। इसके पूर्णिमा को भगवान शिव, माता पार्वती और गणेशजी की चल प्रतिमाओं के झूला श्रृंगार का दर्शन होगा। सावन भर भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में मेडिकल कैंप की व्यवस्था की जाएगी। मैदागिन पर एम्बुलेंस भी तैनात रहेगी। असहायों व जरूरतमंदों के लिए मैदागिन व गोदौलिया पर ई-रिक्शा भी खड़ी रहेगी। भक्तों को मंदिर तक ले आएगी व ले जाएगी।

छह-छह घण्टों पर परिसर होगा सेनेटाइज

कोविड-19 संक्रमण को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर को छह-छह घंटों पर सेनेटाइज किया जाएगा। इसके लिए मंदिर कमर्चारियों को ट्रेनिंग दी गई है। जगह-जगह फ्लैश बोर्ड लगाएंगे जाएंगे। टॉयलट की व्यवस्था होगी। भक्तों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। बताया, कोरोना संक्रमण के चलते कावरियों व अन्य प्रदेशों से आने भक्तों में कमी आएगी। एक अनुमान लगाया गया है कि 25 से 30 भक्त एक दिन में दर्शन कर सकते हैं। इसको देखते हुए व्यवस्था की जा रही है। भीड़ बढ़ती भी है तो भी हम उन्हें सुरक्षा देने को तैयार है। कोरोना महामारी से बचाव का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

*यादव बंधुओं के पदाधिकारियों से होगी वार्ता*

मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि सावन के प्रथम सोमवार को जलाभिषेक करने वाले यादव बंधुओं के पदाधिकारियों से भी बता की जा रही है और उनसे कहा जा रहा है कि कम से कम संख्या में भक्त आकर परंपरा का निर्वहन करें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सावन माह में बाबा के आरती पूजन व दर्शन के टिकट मूल्यों में कोई वृद्धि नहीं होगी। पूर्व की भांति इस वर्ष भी वही रेट रहेंगे

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