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विकास को जल्द कोर्ट में पेश करेगी MP पुलिस

कानपुर के चौबेपुर में दो व तीन जुलाई की रात दबिश में गई पुलिस टीम पर हमलाकर सीओ सहित आठ जांबाजों का हत्यारा पांच लाख का इनामी विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार हो गया है। उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद मध्य प्रदेश पुलिस उसे जल्द कोर्ट में पेश कर सकती है। उसको मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस उसका ट्रांजिट रिमांड लेगी।

मध्य प्रदेश पुलिस इसके बाद विकास दुबे को उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले कर देगी। उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ से एसटीएफ का एक दल विकास दुबे को लेने भेजा है। एसटीएफ की टीम विकास दुबे को चार्टर्ड प्लेन से लेकर शाम तक लखनऊ आ जाएगी। उत्तर प्रदेश की एसटीएफ की टीम भी उज्जैन पहुंच रही है। इसके बाद कानूनी औपचारिकता के बाद एसटीएफ की टीम विकास दुबे को अपनी कस्टडी में लेगी। महाकाल मंदिर प्रांगण के बाहर लखनऊ के रस्जिट्रेशन नम्बर की गाड़ी मिलने के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि विकास दुबे काफी तैयारी के साथ आया था। गाड़ी की नम्बर प्लेट पर हाई कोर्ट लिखा हुआ है, गाड़ी मनोज यादव के नाम पर रजिस्टर्ड है।

विकास दुबे किसी पॉल के नाम की फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर रहा था। वह तड़के राजस्थान के कोटा से सड़क के रास्ते उज्जैन पहुंचा था। विकास दुबे के साथ ही वहां एक शराब कारोबारी को भी गिरफ्तार किया गया है। विकास दुबे गिरफ्तारी के बाद ऐसी जानकारी आई थी कि विकास दुबे फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर रहा था। वह महाकाल मंदिर पहुंचा था, यहां पर उसे गार्ड ने पहचान लिया था। उसकी पहचान कन्फर्म होने पर उज्जैन पुलिस को जानकारी दी गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।सीआरपीसी की धारा 72के अनुसार अगर किसी दूसरे प्रदेश की पुलिस किसी आरोपित को गिरफ्तार करती है तो उसे वहां की स्थानीय अदालत में 24 घंटे अंदर पेश करना होता है। स्थानीय अदालत से प्रत्यर्पण की अनुमति लेकर ही दूसरे प्रदेश की पुलिस उसे अपने क्षेत्र में ले जाती है। इस अनुमति को ही ट्रांजिट रिमांड कहते हैं।

विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद उसका बैग भी जब्त किया। पुलिस ने महाकाल मंदिर में जांच की। दुबे मंदिर में जहां-जहां गया वहां बम स्कवॉड भेजा गया। दर्शन करने से पहले दुबे ने अपना बैग फैसिलिटी सेंटर स्थित लॉकर रूम में रखा था। पुलिस ने इसे जब्त कर लिया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास दुबे की उज्जैन से गिरफ्तारी के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर चर्चा की है। मध्य प्रदेश पुलिस विकास दुबे को उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंप देगी। मध्य प्रदेश सीएम ने सीएम योगी आदित्यनाथ से बातचीत की जानकारी सार्वजनिक करते हुए कहा कि मैंने यूपी के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से बात कर ली है। शीघ्र आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी

उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि विकास दुबे को लाने के लिए यहां से विवेचक रवाना हो गए हैं। जो नियम अनुसार कार्रवाई होगी वो की जाएगी। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत विकास दुबे पर कड़ी कार्रवाई होगी। कानपुर मुठभेड़ के जो भी आरोपी फरार चल रहे हैं उनको पकड़ा जाएगा। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक सभी अभियुक्तों को सजा न दिला दें। विकास दुबे को अपने हाथ से फिसल जाने के मामले में एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि पूरे देश की पुलिस एक है। हम या मध्य प्रदेश पुलिस अलग नहीं है। इसको सफलता या असफलता से नहीं देखा जाएगा। यह सत्य है कि शातिर अपराधी विकास दुबे पकड़ा गया है। उज्जैन के जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि विकास दुबे महाकाल का दर्शन करने मंदिर में जा रहा था। उसी समय सुरक्षाकर्मियों ने उसको पहचाना और कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद विकास दुबे वहां पर चिल्ला-चिल्लाकर कहने लगा कि मैं ही विकास दुबे हूं। इसके बाद पुलिस की टीम ने उसको पकड़ा और कंट्रोल रूम में लेकर गई। कानपुर का कुख्यात गैंगस्टर और आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपित विकास दुबे उज्जैन में सुबह 7:45 अपने कुछ साथियों के साथ महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आया था।इस दौरान वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मी उसे चौकी लेकर पहुंचे।‌ बाद में उज्जैन एसपी मनोज सिंह दुबे को गिरफ्तार कर कंट्रोल रूम ले गए। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कानपुर में वारदात के बाद से ही मध्य प्रदेश पुलिस अलर्ट मोड पर थी। मध्य प्रदेश पुलिस को इंटेलिजेंस से कुख्यात अपराधी विकास दुबे के उज्जैन आने की सूचना मिली थी।

इसी आधार पर महाकाल थाना पुलिस ने विकास की गिरफ्तारी की है। अपराधी चाहे कितना ही बड़ा हो, हमारी पुलिस किसी को भी छोड़ती नहीं है। विकास दुबे हमारी कस्टडी में है। विकास दुबे प्रारंभ से ही क्रूरता की हदें पार करता रहा है। अब उसको उसके कृत्यों की सजा मिलेगी।

विकास दुबे ने से महाकाल मंदिर की 250 रुपये की पर्ची भी कटाई और जैसे आम लोग दर्शन करते है वेसे ही दर्शन करने लाइन में लगा था। उसे एनकाउंटर का डर भी था, यही कारण है कि उसने अपने आप को सरेंडर किया है। तमाम सवाल भी इसके बाद उपज रहे है कि विकास दुबे इतनी सख्ती के बाद मध्य प्रदेश में कैसे प्रवेश कर गया और उज्जैन तक कैसे पहुंचा। एसपी मनोज सिंह तुरंत महाकाल चौकी पर पहुंचे और इस मामले में आगे पुछताछ की जा रही है बाद में उसे महाकाल थाने के  बाद किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है, जहां उससे पुछताछ की जा रही है।

विकास दुबे की गिरफ्तार के कुछ देर बाद ही पुलिस ने उज्जैन आए लखनऊ के दो वकीलों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। यह निजी गाड़ी से उज्जैन आए थे। वकीलों का दुबे से कनेक्शन है या नहीं, पुलिस इसकी पुष्टि कर रही है। लखनऊ के दो वकील बिट्टू और सुरेश भी पुलिस हिरासत में हैं। इनसे भी पूछताछ चल रही है।

गैंगस्टर विकास दुबे के महाकाल मंदिर परिसर से पकड़े जाने के बाद कई तरह की चर्चाएं हैं। मंदिर परिसर में 170 आधुनिक कैमरे लगे हैं। इसके अलावा यहां हर समय 60 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। गुरुवार सुबह गिरफ्तारी के वक्त भी विभिन्न प्वॉइंट पर पूरे परिसर में सुरक्षाकर्मी तैनात थे। विकास दुबे मुंह पर मास्क लगाकर खुलेआम घूम रहा था।

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता मानी जाती है। सिंहस्थ के दौरान यहां सुरक्षा की दृष्टि से कई काम हुए थे। आधुनिक कैमरे लगाने के साथ-साथ एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया था। यहां से पूरे मंदिर परिसर और आसपास के कुछ क्षेत्रों की निगरानी की जाती है। दुबे की गिरफ्तारी के समय भी कंट्रोल पर एक अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी दे रहे थे। विकास दुबे ने दर्शन के लिए 250 रुपये की रसीद कटवाई थी। नियमानुसार इस रसीद के लिए आइडी देना अनिवार्य है। पुलिस यह जानकारी निकाल रही है कि दुबे ने रसीद कटवाते वक्त अपनी आइडी दी अथवा नहीं।

इससे पहले सुबह कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला और प्रभात मिश्रा को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। प्रभात मिश्रा को पुलिस ने फरीदाबाद के होटल से गिरफ्तार किया था। प्रभात पुलिस की कस्टडी से भाग रहा था। इसके बाद एनकाउंटर में प्रभात को मार गिराया गया। इसके अलावा इटावा में विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला को मार गिराया गया है।

पुलिस के मुताबिक, रणबीर शुक्ला ने देर रात महेवा के पास हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था। उसके साथ तीन और बदमाश थे। पुलिस को लूट की जैसे ही खबर मिली, पुलिस ने चारों को सिविल लाइन थाने के काचुरा रोड पर घेर लिया। पुलिस और रणबीर शुक्ला के बीच फायरिंग शुरू हो गई। इस फायरिंग के दौरान रणबीर शुक्ला को ढेर कर दिया गया। उसके तीनों साथी भागने में कामयाब रहे। इटावा पुलिस ने आस-पास के जिले को अलर्ट कर दिया है। रणबीर शुक्ला पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा था। वह भी कानपुर शूटआउट का एक आरोपी था।

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