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थाई नींबू की खेती से “आनन्द” में लेमनमैन, देश के किसानों को मिसाल बन दिखाई कमाई बढ़ाने की राह

थाई नींबू की खेती से “आनन्द” में लेमनमैन,
देश के किसानों को मिसाल बन दिखाई कमाई बढ़ाने की राह

रायबरेली – थाई नींबू की खेती करके आनंद मिश्रा लेमन मैन और मल्टीनेशनल कंपनी में १३ साल नौकरी करके खेती में हाथ आजमाया तो सफलता कदम चूमने लगी।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चौधरी चरण सिंह सम्मान व अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित आनन्द मिश्रा लेमन मैन रायबरेली को
खेती की प्रयोगशाला में बहुत सफलता मिली पूरे भारत के किसानों के रोल मॉडल बन चुके हैं आनन्द मिश्रा ने बताया कि देश के कोने कोने से किसानों का आगमन नींबू की बागवानी सीखने के लिए कचनावा गांव जो रायबरेली जनपद में है, प्रतिदिन होता रहता है ।
आज हमारे नींबू के पौधे हिमाचल प्रदेश,मध्य प्रदेश राजस्थान उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत में जाते है बागवानी का रकबा बढ़ा कर देश को हरा भरा बनाना है
इस समय मानसून भी आ गया है और जुलाई के प्रथम सप्ताह से नींबू की पौध की रोपाई चालू हो चुकी हैं।
जनवरी महीने से प्रकृति की मार जिसमें पत्थर पड़े ओले पड़े बरसात हुई तूफान आया इन सब के बावजूद भी नींबू की बागवानी फायदे का सौदा रही ।
कोरोना की इस महामारी के दौरान लोगों को आनंद मिश्रा ने अपनी बागवानी के माध्यम से रोजगार मुहैया करा रखा है गांव की कई सारी महिलाओं को रोजगार मिल रहा है प्रवासी मजदूरों को भी काम मिला है आनंद मिश्रा ने यह साबित कर दिया कि नौकरी करने वाला आदमी केवल नौकरी ही नहीं वह कुछ भी कर सकता है ये आनन्द की मेहनत ही है कि नींबू की बागवानी पूरे देश में चर्चा का विषय है देश के कोने कोने से किसान बागवानी देखने के लिए आते हैं बागवानी सीखते हैं l
अबकी इस मानसून के सीजन में उत्तर प्रदेश सहित देश के कई प्रदेशों में नींबू का रकबा बढ़ने वाला है आनंद मिश्रा जी बताते हैं कि नौकरी के दौरान ही उनका मन खेती किसानी में लगा रहता था 1 दिन नौकरी को अलविदा कहकर 13 साल की नौकरी छोड़ कर के पूर्ण रूप से खेती को समर्पित हो गए, अब उनके जीवन का एक ही लक्ष्य है कि देश के किसान कैसे समृद्धि वान हो उनकी आमदनी डबल कैसे हो उस दिशा में सदैव प्रयत्नशील रहते हैं।
आनंद जी देश के किसानों से अनुरोध करते हैं कि जिनके पास जमीन खेत है वह किसान कुछ पार्ट में बागवानी करें, बागवानी एक ऐसी विधा है जिससे बागवानी से लगातार आमदनी होती रहती है जो ट्रेडिशनल खेती से ज्यादा फायदेमंद है और पर्यावरण को भी संतुलित करता है
70 साल पुराना मंडी कानून को किसानों के हित में सरकार ने बदल कर बहुत अच्छा काम किया है जिसके लिए केंद्र सरकार को बहुत बहुत बधाई ।

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