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पूरी दुनिया में लगभग 150 वैक्सीन पर काम जारी

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस (COVID-19) का प्रकोप जारी है। इसका अंदाजा इस बात से लगया जा सकता है कि पिछले 7 महीने में एक करोड़ 64 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं। इस दौरान छह लाख 50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। ऐसे में पूरे विश्व की निगाहें इसके टीके (Coronavirus Vaccine) पर टिकी हैं। दुनियाभर में लगभग 150 वैक्सीन पर काम चल रहा है। इनमें से अधिकतर शुरुआती चरण में हैं। वहीं चार वैक्सीन ऐसी हैं, जो रेस में सबसे आगे हैं। इनमें मॉडर्ना  (Moderna), ऑक्सफोर्ड (Oxford), फाइजर (Pfizer), भारत बायोटेक (Bharat Biotech) शामिल हैं। आइए जानते हैं ये वैक्सीन कब तक तैयार हो सकती हैं।

मॉडर्ना- अमेरिकी वैक्सीन फेज-3 का ट्रायल में है और इसका सबसे बड़ा ट्रायल शुरू हो गया है। इस दौरान 30 हजार लोगों पर टीके का परिक्षण होगा। वैक्सीन को लेकर अमेरिका का कहना है कि यह इस साल के अंत तैयार हो सकती है। कंपनी को अमेरिकी सरकार से एक बिलियन डॉलर (सात हजार करोड़ रुपये) की मदद मिली है।

ऑक्सफोर्ड- ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिर्विसटी, एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर वैक्सीन बना रही है। वैक्सीन का पहला और दूसरा ट्रायल पूरा हो गया है। ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में तीसरे फेज का ट्रायल शुरू हो गया है। भारत की सीरम कंपनी ने वैक्सीन के प्रोडक्शन के लिए करार किया है। कंपनी के अनुसार वह  अगस्त के अंत में भारत में इसके तीसरे चरण का ट्रायल करने जा रही है। इसमें करीब 4 से 5 हजार लोगों पर वैक्सीन का परीक्षण किया जाएगा।   उम्मीद है कि इसकी कीमत एक हजार रुपये प्रति टीका रहेगी। सबकुछ ठीक रहा तो वैक्सीन की इमरजेंसी डोज अक्टूबर तक तैयार हो सकती है।

फाइजर- मॉडर्ना की तरह फाइजर भी अमेरिकी वैक्सीन है। वैक्सीन पहले और दूसरे स्टेज में सफल रही है और फाइनल स्टेज की तरफ बढ़ गई है। अमेरिका ने कंपनी के साथ दिसंबर में इसकी 10 करोड़ खुराक सप्लाई करने के लिए करीब दो अरब डॉलर (15 हजार करोड़ रुपये) का सौदा किया है। कंपनी का दावा है कि इसे साल के आखिर तक तैयार कर लिया जाएगा।

भारत बायोटेक- देश की पहली स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोवाक्सिन (Covaxin) का फिलहाल अलग-अलग राज्यों में ह्यूमन ट्रायल चल रहा है। इसे भारत बायोटेक ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR)से साथ मिलकर यह वैक्सीन बनाई है। यह अगले साल के शुरुआत तक लॉन्च हो सकती है।

कितनी होगी कीमत

इस बीच वैश्विक समुदाय की नजर पूरे टीका तैयार होने के बाद दुनियाभर में इसे बांटने की प्रक्रिया और इसकी कीमत तय करने पर है। समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार कोरोना वायरस वैक्सीन निर्माण में लगी ग्लोबल वैक्सीन एलायंस का कहना है कि इसकी कीमत अधिकतम 40 डॉलर (3000 रुपये) तक हो सकती है।

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